

जिला पशुपालन कार्यालय, धनबाद द्वारा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजनान्तर्गत एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के इच्छुक व्यक्तियों, लघु उद्यमियों, युवा शिक्षित बेरोजगारों तथा प्रगतिशील पशुपालकों को अनुदानित दर पर व्यावसायिक स्तर पर बकरा-बकरी पालन से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में नए स्वरोजगार के अवसरों का सृजन करना है।
यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और पशुधन उत्पादकता में वृद्धि करने के साथ-साथ राज्य में उच्च गुणवत्तायुक्त प्रोटीन (मीट) की मांग को पूरा करने में सहायक होगी। इस योजना का लाभ व्यक्तिगत पशुपालकों के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह (SHG) तथा किसान उत्पादक संगठन (FPO) भी उठा सकते हैं।
योजना का विवरण एवं वित्तीय संरचना
योजना का नाम: व्यावसायिक बकरा-बकरी पालन की योजना (100 बकरी + 05 बकरा क्षमता)
कुल परियोजना लागत राशि: ₹ 9,78,000/-
70% सरकारी अनुदान की राशि: ₹ 6,84,600/-
30% लाभुक अंशदान (बैंक ऋण सहित): ₹ 2,93,400/-
मुख्य अर्हता एवं शर्तें (Eligibility Criteria)
*स्थायी निवासी:* आवेदक झारखंड राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसे पूर्व में बकरी पालन का अनुभव प्राप्त होना अनिवार्य है।
*भूमि की आवश्यकता:* व्यावसायिक बकरा-बकरी फार्म की स्थापना हेतु लाभुक को कम से कम 0.50 एकड़ भूमि की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। भूमि स्वयं की हो अथवा न्यूनतम 10 वर्षों के लिए लीज (Lease) पर ली गई हो और वह एक ही स्थान पर होनी चाहिए।
*वित्तीय सहभागिता:* कुल लागत का न्यूनतम 15% राशि उद्यमी द्वारा स्वयं वहन किया जाना आवश्यक है। शेष 15% बैंक ऋण या स्वयं के माध्यम से व्यवस्था की जा सकती है। सरकार द्वारा 70% राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी।
*प्राथमिकता:* योजना के चयन में बकरा-बकरी पालन में मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
*प्रतिबंध:* इस योजनान्तर्गत पूर्व में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत किसी अन्य पशुधन योजना का लाभ ले चुके लाभुकों को इस योजना का लाभ देय नहीं होगा।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
पासपोर्ट आकार का फोटो एवं विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र।
आधार कार्ड / पहचान पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र एवं जाति प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)।
भूमि की अद्यतन रसीद / खाता / खेसरा / स्वामित्व प्रमाण-पत्र या 10 वर्षीय लीज डीड।
बैंक द्वारा निर्गत अंशदान प्रमाण-पत्र अथवा पिछले 1 वर्ष का औसत बैंक बैलेंस विवरण।
बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति / सहमति पत्र (यदि लागू हो) तथा बकरी पालन प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र।
विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) एवं स्व-घोषणा पत्र / शपथ-पत्र (Affidavit)।
SHG / FPO आवेदकों के लिए: सदस्य सूची, पंजीकरण प्रमाण-पत्र, पैन, टैन, सिन (CIN) तथा बैंक विवरण से संबंधित दस्तावेज।
इच्छुक योग्य उम्मीदवार योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं नि:शुल्क आवेदन पत्र अपने संबंधित प्रखण्ड के प्रखण्ड पशुपालन कार्यालय अथवा जिला पशुपालन कार्यालय, धनबाद से प्राप्त कर सकते हैं। भरे हुए आवेदन पत्र को सभी आवश्यक सह-पत्रों के साथ संबंधित प्रखण्ड पशुपालन पदाधिकारी के कार्यालय में जमा किया जाना सुनिश्चित करें।






